नमन हे पूज्य गुरुवर !
प्रथम गुरु में मात-पिता ,
जो बने सु-संस्कार के दाता ;
दूजे गुरु मुझे शिक्षण-दाता ,
जिसने मनका मिटाया अंधकारा |
आज खडी हूँ ,लिए इक शाता ,
मिले सुर-संगीत के दाता ;
पाया प्रभु- मिलन के ज्ञाता ,
'बेला" के है ये सब ध्याता |
सबको
शत शत नमन है गुरुवर !
९ जुलाई २०२५
५. ४५ पि ऍम

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