Pages

Showing posts with label सोचिये. Show all posts
Showing posts with label सोचिये. Show all posts

सोचिये




    गुझरती है क्या इस दिल पर 
    खुद आप ही सोचिये 

   चल दिए बेहया की तरह ,कैसे 
   खुद आप ही सोचिए |

  देती याद ये पुरवाइया 
  बीती "बेला"पे कैसी 
  खुद आप ही सोचिये |

  बेला १-१-१९८४